विद्वत्परिचयः 5

जयमन्त मिश्र 

 महामहोपाध्याय डा. जयमन्त मिश्र का जन्म 1925 में हुआ। इनके एक पुत्र एवं चार पुत्रियां हैं। इन्होंने संस्कृत और मैथिली भाषा के लिए कई महत्वपूर्ण काम भी किया है। इन्हें राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ द्वारा महामहोपाध्याय’, ‘राष्ट्रपति पुरस्कार’, व्यास सम्मान, ‘कालिदास सम्मान’, और ‘वाणभट्ट पुरस्कार’ सहित कई सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है। वे 1995 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित हुए. डा. मिश्र 1980 से 1985 तक कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति रहे.
          संस्कृत में महामानवचम्पू’ और मैथिली में कविता कुसुमांजलि’ (मैथिली कविता संग्रह) और महाकवि विद्यापति’ नामक पुस्तक उनकी महत्वपूर्ण कृतियाँ हैं।


श्रीनिवास रथ

























श्रीराम पाण्डेय

कमलेशदत्त त्रिपाठी
नलिनी शुक्ला
उमारमण झा

वि.कृष्णमूर्ति घनपाठी 


प्रो.रामचन्द्र पाण्डेय                                        
 बी.34/118-38, मानस नगर,
दुर्गाकुण्ड, वाराणसी-221005  दूरभाष/फैक्स- 0542-2310707 
  मो.  09415203658,                      
शैक्षणिक अनुभव-(33वर्ष)-

व्याख्याता-ज्योतिष- केन्द्रियसंस्कृतविद्यापीठ,जम्मू(राष्ट्रियसंस्कृतसंस्थान, नईदिल्ली),1973-1980

रीडर- ज्योतिष विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी । 1980-1991

प्रोफेसर-ज्योतिषविभाग- काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी। 1991-2004  

शोधनिर्देशन30, 25शोध उपाधि प्राप्त ।


प्रशासनिक अनुभव-

अध्यक्ष- ज्योतिष विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी। 1986-2003

संकायप्रमुख- संस्कृतविद्याधर्मविज्ञानसंकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी।1991,1993-1995


सम्मानित पद-

पीठाध्यक्ष- सवाई जयसिंह ज्योतिर्विज्ञान पीठ, ज.रा.राजस्थान संस्कृतविश्वविद्यालय, जयपुर, 2006-2009 

सदस्य- पञ्चाङ्गसुधारसमिति, भारत सरकार, 1998-2000 

अध्यक्ष- सार्वभौम संस्कृत प्रचार संस्थान, वाराणसी।

सचिव/प्रबन्धक- नैसर्गिक शोध संस्था, वाराणसी। 

अध्यक्ष-भारतीय वैज्ञानिकों की विश्वस्तरीय मान्यता प्रतिष्ठापन समिति,

कोषाध्यक्ष- पट्टाभिराम वेदमीमांसानुसन्धान केन्द्र, वाराणसी। 5वर्ष


सम्पादक-

प्रधान सम्पादक-विश्वपञ्चाङ्ग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी ।1986-1995

प्रधान सम्पादक- काशिका ट्रिनीडाड पञ्चाङ्ग, 2वर्ष

सम्पादक- भारतीयवाङ्मय का वृहद् इतिहास, उत्तरप्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ ।

सम्पादक- नैसर्गिकी अर्धवार्षिक पत्रिका ।


शोध सहायक- सर्व भारतीय काशिराज न्यास, 1967-1973


संगोष्ठियों मे प्रतिभागिता (अध्यक्ष, मुख्यवक्ता, वक्ता)-

राष्ट्रिय- 55

अन्तरराष्ट्रिय- 12

संगोष्ठी आयोजन- 6

प्रकाशन-

पुस्तक-14

लेख-60

संयुक्त प्रकाशन- वामनपुराण, कूर्म पुराण

शैक्षणिक योग्यता-

आचार्य(सिद्धान्त ज्योतिष) वा.संस्कृतविश्वविद्यालय, वाराणसी, प्रथम श्रेणी, दो स्वर्णपदक प्राप्त ,   1965

विद्यावारिधि(पी-एच.डी), सिद्धान्त ज्योतिष, 1969,सं.वि.वि.वाराणसी। (शोधप्रबन्ध प्रकाशित)

आचार्य ( फलित ज्योतिष ) प्रथम श्रेणी, वा.सं.वि.वि., वाराणसी। 1971

सम्मान-

राष्ट्रपति सम्मान-संस्कृत, महामहिम राष्ट्रपति द्वारा,राष्ट्रपतिभवन, नई दिल्ली । 2009

भास्कराचार्यसम्मान, दिल्ली संस्कृत अकादमी, नई दिल्ली, 2011

ब्रह्मर्षि सम्मान- महामहिम राष्ट्रपति द्वारा, राष्ट्रपति भवन, नईदिल्ली,( अ.भा.प्रा.ज्यो.संस्थान, द्वारा प्रयोजित।) 2011

आर्यभट सम्मान- राजभवन, जयपुर, अ.भा.प्रा.ज्यो.संस्थान, जयपुर । 2007

विशिष्ट सम्मान- उत्तरप्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ। 2007

विशिष्ट सम्मान - उत्तरप्रदेश संस्कृत संस्थान, लखनऊ, 2004

कणाद सम्मान-  मेरठ, वेद-ज्योतिष अनुसन्धान संस्थान, मोदीनगर, उ.प्र.1998


अन्य कार्य-

नैसर्गिक शोध संस्था की स्थापना ।

प्रायोगिक ज्योतिष शिक्षण का प्रारम्भ,  जम्मू,वाराणसी,जयपुर ।

ज्योतिष प्रयोगशाला एवं लघु तारामण्डप की स्थापना, जम्मू, वाराणसी, जयपुर ।
विश्वनाथ शास्त्री दातार

शैक्षणिक अनुभव
मीमांसा, न्याय और प्राचीन राजशास्त्र-अर्थशास्त्र के प्रकांड विद्वान
कुंवर अनन्त नारायण सिंह को पुराण प्रवचन के माध्यम से दीक्षा दी
प्राचीन राजशास्त्र के शिक्षक संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय,वर्ष 1981 में सेवानिवृत्त ।
सम्मान-
संस्कृत में उच्चकोटि के कार्यो के लिए उन्हें वर्ष 1990 में राष्ट्रपति पुरस्कार
लाल बहादुर राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ [नई दिल्ली] द्वारा 15 फरवरी 1994 में महामहोपाध्याय की उपाधि
विद्याभूषण, उडुपी मदुराचार्य तंजावर पुरस्कार
वेद पंडित पुरस्कार 1984  में उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान,लखनऊ
विशिष्ट पुरस्कार 2002 में  उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान,लखनऊ
पुनः महर्षि बाल्मीकि पुरस्कार,
पौरोहित्य कर्मकांड पुरस्कार 2001 में वीर हनुमान मंदिर,राजस्थान
म.म.पं सदाशिव मुसलगांव स्मृति पुरस्कार, 2004
अनेक ग्रंथ प्रकाशित
88 वर्ष में निधन